Sunday, 24 February 2013


तभी पुलिस आ जाती है.

उसकी आँखें ये देखकर हैरत से फट जाती हैं कि  उसके तीनो DROOGS अब पुलिस में भर्ती होकर अब COP बन चुके हैं.

उसके DROOGS अपना बदला लेने के लिए उसे घसीटते हुए ले जाकर बुरी तरह से प्रताड़ित करते हैं.





घर से निकलते ही उसे वोही भिखारी  बूढा दिखाई देता है,जिसे उसने बेदर्दी से मारा था.

वो बूढा उसे पहचान लेता है और अपने सभी साथियों के साथ उसे मिलकर खूब मारता  है 

पर एक बार फिर से अलेक्स के हाथ किसी को मारने के लिए उठ ही नही पाते,उस थेरेपी के कारन.





उसे स्वस्थ घोषित करते करके उसे जेल से छोड़ दिया जाता है.

वापस आकर वो देखता है की उसके माँ बाप ने उसका कमरा एक किरायेदार को दे दिया है 

और अब उसकी जगह इस घर में नहीं है.

किरायेदार के बदतमीजी से बोलने पर भी वो उसे मार ही नहीं पता और घर छोड़ कर चला जाता है.








सबसे पहले एक आदमी अलेक्स को बुरी तरह से मरता है 

और उसे अपने जूते को चाटने के लिए कहता है .

लाख चाह  कर भी अलेक्स का उस पर हाथ नहीं उठता 

और उसके जूते चाटने लगता है,हिंसा की भावना अब उसमे नहीं रहती.

अब एक नग्न लड़की को उसके सामने लाते हैं.

अलेक्स बहुत कोशिश करने के बाद भी उसके नग्न शरीर को छू ही नहीं पाता .

अब उसे RAPE करने में भी कोई रूचि नहीं रहती.








इसी प्रकार से उसे रोज़ दिन में २ बार लगातार पलके खोल कर DRUGS देकर ऐसी DISTURBING फ़िल्में रोज़ दिखाई जाती है.

जल्द है उसे इन सब से नफरत हो जाती है 

और वो अब हिंसा और सेक्स के नाम से ही कांपने लगता है.

जब डॉक्टर आश्वस्त हो जाते हैं कि अब वो ठीक हो चुका  है 

तो उसे प्रदर्शन के लिए सबके सामने लाते हैं.



इसके बाद उसके सामने हिंसक और RAPE वाली फ़िल्में लगातार चला दी जाती है,

उन्हें इन फिल्मों को बिना पलक झपकाए देखना है .

आँखों में नमी रहे ,इसलिए डॉक्टर उसमे थोड़ी थोड़ी देर बाद  पानी के DROPS डालता रहता है.

थोड़ी देर तो उसे ये देख कर बड़ा मजा आता है पर थोड़ी देर बाद DRUGS का नशा असर दिखता है और अब उसे ये फिल्मों के हिंसा और RAPE के द्रश्य देखकर डर लगने लगता है.

उसकी हालत ख़राब होने लगती है.

ऊपर से डॉक्टर उसके प्रिय संगीतकार बीथोवन का म्यूजिक लगा देता है.

अब जिस म्यूजिक से और हिंसक और बलात्कार के विचारों से उसे प्यार था,उसे उन्ही से डर लगने लगता है.



अब अलेक्स जेल से निकल कर हॉस्पिटल पहुँच जाता है.

जहाँ उसे NURSE एक तेज DRUG का INJECTION देती है,

जो धीरे धीरे उसके दिमाग पर असर करने लगता है,

फिर डॉक्टर उसे एक सिनेमाघर में ले जाते हैं,

जहाँ उसके हाथ पीछे से बांध कर उसकी आँखों की पलकों को २ क्लिप्स की सहायता से इस तरह जकड दिया जाता है ताकि वो अपनी पलके ना झपका सके.



वो वहां जाकर कुछ शांत हो जाता है.

जेल में उसे पता चलता है की सरकार कैदियों को सुधरने के लिए एक नया प्रयोग करने जा रही है,जिसे 

Ludovico TECHNIC कहा जाता है वो है क्या उसे नहीं पता.

वो खुद ही अपना नाम इस प्रयोग के लिए दे देता है ताकि उसे १४ साल जेल में न बिताने पड़े.

मिनिस्टर उसे इस थेरेपी के लिए चुन लेता है.



वहां पर भी वो इंस्पेक्टर के यौनांग को पकड़ कर दबा देता है 

तो सब उसे बुरी तरह से पीट कर लहुलुहान  कर देते हैं.

तब एक पुलिसे अधिकारी उसे बताता है की जिसे उसने कल रात घायल किया था वो औरत अब मर चुकी है 

और अब उसे हत्या के दोष में १४ साल की कैद हो गयी है.

जल्द ही उसे जेल ले जाया जाता है.





मगर यहाँ उसके दोस्त उसके साथ गद्दारी करते हैं 

और उसके मुह पर दूध से भरी BOTTLE फोड़ कर भाग जाते हैं.

तभी पुलिस आती है और अलेक्स पकड़ा जाता है.




अगली रात वो फिर एक अमीर औरत के घर में  उसी आईडिया से घुसने की कोशिश करते हैं 

मगर वो औरत पुलिस को फोन कर देती है.

तब तक अलेक्स उसके घर में घुस जाता है ,वो औरत उस पर हमला कर देती है 

पर वही रखे एक पुरुष लिंग के आकर की एक मूर्ति से वो उसको घायल कर भाग जाता है.




अगले दिन उसके gang वाले उससे किसी बात को लेकर विद्रोह कर देते हैं ,

मगर अलेक्स उन सब को बुरी तरह से पीट कर बता देता है की इस GANG का लीडर वोही है,जो वो चाहेगा,वोही होगा.


फिर अगले दिन अलेक्स एक मेले में जाता है,

जहाँ  उसे दो  लड़कियां   मिलती  हैं,

जिनसे की वो ग्रुप सेक्स करता है.






ये सब करने के बाद  अलेक्स शराफत से घर वापस आ जाता है .

घर आकर वो फिर बीथोवन  का संगीत सुनता है 

और अपने पालतू अजगर को दीवार में बनी एक लड़की के नग्न चित्र की योनि के ऊपर रख देता है

और फिर ईसा मसीह की नग्न मूर्तियों को देखता है 

इससे वो उत्तेजित होता है और उसमे और उत्तेजना आती जाती है.





अलेक्स की एक खास आदत है वो बीथोवन नाम के संगीतकार का जबरदस्त फेन है.

वो RAPE करते हुए और हिंसा करते हुए उसका एक गाना जरूर गता है..."SINGIN IN THE RAIN "

वो इस कुकर्म को यही गीत गाते हुए पूरा करता है,




दरवाजा खुलते है मास्क लगाकर पूरा GANG अन्दर आ जाता है 

और फिर उस बूढ़े को बुरी तरह से पीट कर उसका मुंह बंद कर देते हैं.

अब अलेक्स और उसके द्रूग्स उसकी आँखों के सामने ही उसकी पत्नी के साथ बलात्कार करते हैं.






अब भी उनका मन नहीं भरता तो निकल पड़ते हैं एक धनी व्यक्ति के घर की और...

इस घर में एक अपाहिज बूढा और उसकी जवान बीवी रहते हैं.

अलेक्स दरवाजा खटखटा  कर कहता है की उनका एक दोस्त लहूलुहान बाहर पड़ा है और उनको एक फोन करना है ,कृपया दरवाजा खोल दें.

वो औरत तो दरवाजा नहीं खोलना चाहती 

पर उसका अपाहिज पति उसे मदद करने के लिए कहता है.



आगे जाने पर वो देखते हैं की एक दूसरे GANG के लोग एक लड़की को नग्न करके उसके साथ सामूहिक बलात्कार कर रहे हैं,

वो फिर सिर्फ उनका बहता हुआ खून देखने के लिए उन से उलझ पड़ते हैं 

और उनको बुरी तरह से मारते हैं.






पूरी फिल्म FLASHBACK में चलती है 

फिल्म की कहानी  को खुद अलेक्स बता रहा है....

अलेक्स और उसके DROOGS अत्यधिक हिंसक विचारों के हैं और उन्हें लोगों का बेमतलब में खून बहाकर और अमीर औरतों के घर में घुस कर उनके साथ RAPE करने में बड़ा आनंद आता है.

तो वो दूध पीकर निकल पड़ते हैं अपने शिकार की खोज में.

सड़क पर एक बूढा शराबी भिखारी लेता हुआ है,

जिसे देख कर उनमे हिंसक विचार जाग जाते हैं 

और उसे बुरी तरह से पीट कर घायल कर देते हैं.



ये मिल्क बार कोई साधारण मिल्क बार   नहीं है,

इसमें लड़कियों की अश्लील मुद्रा में नग्न मूर्तियाँ लगी हैं.

जिनसे की दूध निकलता है.

जैसे की एक नग्न मूर्ति में सिक्का डालकर उसकी योनि में लगे BUTTON को दबाने पर उसके स्तनों से दूध आने लगता है,जिसे की वो लोग पीते हैं.

इसे वो लोग "पॉवर मिल्क" कहते थे.

अलेक्स इस ग्रुप का लीडर है .

वो अपने दोस्तों को "DROOGS " कहता है.

"DROOGS " एक RUSSIAN शब्द है,जिसका अर्थ होता है..."दोस्त"




कथानक

ये कहानी है लन्दन की ....

फिल्म शुरू होती है एक मिल्क बार से .......

जहाँ ALEX नाम का नवयुवक अपने तीन दोस्तों PETE ,GEORGIE और DIM के साथ बैठा "पॉवर मिल्क" पी रहा है.



इस फिल्म का निर्माण १९७१ में ब्रिटेन में हुआ था.

ये फिल्म आधारित है १९६२ में लिखे ANTHONY BURGES के इसी नाम के एक नोवेल पर.

तो दोस्तों,

आज पेश है एक ऐसी फिल्म जो एक नहीं कई कारणों से विवादों में घिरी 

और इसने बैन फिल्मों की लिस्ट में एक सम्मानीय स्थान प्राप्त किया.

तो आज की फिल्म.....

A CLOCKWORK ORANGE




Friday, 22 February 2013

फिल्मे बैन होने की वजह

सबसे पहले हम ये जान ले की कोई फिल्म बैन होती क्यूँ है.?

इसके निम्न में से कोई भी कारन होते हैं....


Thursday, 21 February 2013

स्वागत है दोस्तो


दोस्तों, 

 आप सब का स्वागत है इस ब्लॉग पर ब्लॉग की दुनिया में आपने कई तरह के ब्लॉग पढ़े होंगे 

तो इसमें खास क्या है.

 खास क्या है ये आप में से कई दोस्त तो जानते ही हैं और जो नहीं जानते या नए पाठक हैं उन्हें बताना चाहूँगा..... 

 सिनेमा.... 

 सिनेमा आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है और इसके कई रूप हमारे सामने आये हैं... 

पर सिनेमा का एक रूप जिससे आप आज तक परिचित नहीं हुए 

या समाज के एक विशिष्ट तबके ने कभी नहीं चाहा की हम सब उस सिनेमा से कभी रूबरू हो,उसी के बारे में ये ब्लॉग है... 

यानि वो फ़िल्में जिनको की समाज के देखने लायक ना समझा गया...

 यानि की बैन यानि प्रतिबंधित फ़िल्में .......... 

 आपको मैं इस ब्लॉग द्वारा विश्व सिनेमा में बनी ऐसी ही कुछ फिल्मों से परिचित करूँगा जिन को लेकर कई विवाद हुए और फिर उन्हें प्रतिबंधित कर दिया गया