Wednesday, 27 March 2013

SEDUCING MAARYAA (1999)

(690 MB)






डाउनलोड लिंक

इस फिल्म में हालांकि स्पष्ट सेक्स के द्रश्य नहीं है पर फिल्म की थीम बहुत ही बोल्ड है.

तो जो दोस्त इसे देखना चाहते हैं ,उनके लिए टोरेंट लिंक ये रहे...

विवाद

आप सब को क्या लगता है की इंडियन  सेन्सर कभी भी इन दो अति विवादित और वर्जित  विषयों "होमोसेक्सुअल" और "इन्सेस्ट' संबंधो पर बनी फिल्म को पास कर देता????

इस फिल्म पर तो DOUBLE BAN लगा देता...

सही सोच रहे हैं आप .

1999 में ना तो  सेन्सर इतना उदार था ना ही शायद अब होगा की इस विषय से सम्बंधित किसी भी फिल्म को पास कर देगा,

परिणाम  आपके सामने है.

"SEDUCING MARYAA " को सिर्फ भारत में बा किया गे हिया और आज 14 साल बाद भी इस पर से BAN हटाया नहीं गया है.

उधर गर्भवती मारया अब इंडिया पहुच जाती है 

और नदी के तट पर पूजा कर रही है.

तभी वो किसी शख्स को देख कर चौंक जाती है,

कौन है वो ये स्पष्ट नहीं किया गया....

मगर अनुमान लगता है की ये उसका भाई है.

फिल्म यहीं समाप्त हो जाती है.





अगले दिन उसके ससुर को मारया के कमरे से एक चिठ्ठी मिलती है 

जिस पर लिखा होता ही की वो सब कुछ छोड़ कर इंडिया जा रही है.

अब विजय अपने बेटे के समलैंगिक संबंधो  को मान्यता दे देता है.

मिशेल को अपने रेस्तरा में कुक की नौकरी देता है 

और अब आशीष और मिशेल एक साथ रहने लगते हैं.




आशीष भी आ जाता है वो जैक को मारता  है मिशेल भी आकर जैक को मारता है.

जैक चाक़ू निकाल  लेता है

तब मारया उससे कहती है की वो उसकी ज़िन्दगी से चला जाए.

ये बच्चा तुम तीनो में से किसी का नहीं

मैं इस बच्चे को सिर्फ अपना नाम दूँगी

वो निराश होकर चला जाता है.

मारया भी अपने कमरे में चली जाती है.



तभी मारया बताती है की वो गर्भवती  है 

और जल्द ही एक बच्चे को जन्म देने वाली है.

ये सुनकर उसका भाई कहता है की ये बच्चा उसका है वो मारया को इंडिया ले जाएगा.

मगर उसका ससुर कहता है की ये बच्चा मेरा है,मेरे मारया से सम्बन्ध है.

दोनों में झगडा होता है.


अभी झगडा शुरू ही होता है की आशीष   का गे पार्टनर आकर उसे बाहर ले जाता है 

और वही उसे चूमने लगता है.



मारया बताती है की वो और उसका परिवार एक झोपड़ पट्टी में रहता था.

१९८४ के दंगो में उसके माँ बाप को उसकी आँखों के सामने मार डाला गया

तब से उसके भाई ने ही उसे पाला पोसा है,

वो उसके लिए कुछ भी करती थी .

इसीलिए हम में ये सम्बन्ध बन गए.



जैसे ही वो जाने लगता है तभी  उसका पति आ जाता है

और उससे पूछता है ये  मेरे बेडरूम में ये पराया मर्द क्या  कर रहा है.

वो अपने भाई जैक से उसे मिलाती है.

सभी DINNER करते हैं.

जैक का आक्रामक व्यवहार आशीष,उसके बाप और मारया को पसंद नहीं आता.

वो अड़ जात है की मारया उसकी है और वो उसे इंडिया ले जाएगा.




अब मारया की ज़िन्दगी का भी एक काला सच सामने आता ही कि  उसके अपने सगे भाई के साथ वर्षों से यौन सम्बन्ध थे.

मारया  पिघल जाती है 

और भावनाओं में बह कर एक बार फिर से अपने भाई के साथ अपने बेडरूम में यौन सम्बन्ध बना लेती है.

वो उसे बताती है उसने भी उसे बहुत मिस किया .



मगर यही शायद काफी नहीं था.

तभी उसकी ज़िन्दगी में प्रवेश होता है "जैक"  का.

जैक यानि जाकिर ,उसका सगा भाई,

उसे इस तरह अचानक देखकर ना जाने क्यों उसकी हालत ख़राब हो जाती है.

वो अपनी बहन मारया से मिलने उसके बेडरूम में पहुच जाता है 

पर मारया उसे अपने घर से  निकल जाने को कहती है.

मगर वो नहीं मानता,वो कहता है की मैं तुम्हारे बिना जी नहीं सकता ,तुम मुझे छोड़ कर क्यों चली आई.

अब वो मारया के सामने रोने  लगता है.



पर अपने बेटे और बहु में बढ़ते मेल जोल से विजय खुश नहीं होता ,

वो मारया पर अपना हक़ समझने लगता है.

मारया अपने ससुर से भी सम्बन्ध  बनाना नहीं छोडती.

मगर एक रात जब वो अपने ससुर के साथ होती है,उसका पति आशीष उन्हें ऐसा करते देख लेता है.

उसका गुस्सा भड़क जाता है 

वो उन दोनों को तो कुछ नहीं कहता हाँ,मिशेल  को सब बताता है .


पर जल्द ही वो अपनी पत्नी की तरफ भी आकर्षित होता है

और उसके साथ भी यौन सम्बन्ध बनाता  है .

और मिशेल के साथ भी सम्बन्ध बने रहते हैं.




सुबह होने पर विजय अब बदल चुका है ,

अब वो हमेशा खुश रहने लगता है.

अब एक तरफ तो उसका बेटा मिशेल के साथ समबन्ध बना कर खुश है

 तो दूसरी तरफ वो दोनों ससुर बहु भी खुश हैं.



तो फिर उसका ससुर ही अपनी बहू  का मन बहलाने का जिम्मा लेता है 

और उसे फिल्म दिखाने ने ले जाता है.

घर आकर वो दोनों बाते करते करते बहक जाते हैं 

और उस दोनों ससुर बहू में यौन सम्बन्ध बन जाते हैं.






वो  समझ जाता है की उसकी बहू  की ओर उसका बेटा ध्यान नहीं दे रहा .

वो अपने बेटे के पास जाता है और उसे  उसकी  पत्नी का दर्द बताता है

 और उससे कहता है...."तुम अपनी पत्नी यानि मारया को SEDUCE करो"

बेटा बाप को ऐसा ही करने का आश्वासन देता है.

मगर फिर सब भूल कर मिशेल के साथ प्रेम क्रीड़ायें करने लगता है.




अगले दिन वो अपने कमरे में योग कर रही है 

तभी उसका ससुर विजय उसके कमरे में आ जाता है.

वो उससे कुछ बातें करता है 

तभी अचानक कुछ होता है 

और वो अपनी बहू को अलग ही नज़र से देखने लगता है.

जल्द ही वो अपने इन गंदे विचारों को झटक देता है.






सुहागरात में ही आशीष की बैचैनी उभर आती है और वो मारया को छोड़ कर बहाना करके चला जाता है.

मारया को शक हो जाता है 

और वो भी उसका पीछा हो करती है.

वहां पहुच कर उसके होश उड़ जाते है जब वो देखती  है कि उसके पति की बाहों में मिशेल है 

और उसका पति एक गे है.




जल्द ही आशीष की मारया से शादी हो जाती है 

मगर ऐन टाइम  पर मिशेल आ जाता है

और शराब के नशे में मारया से कुछ कहने की कोशिश कर रहा होता है .

पर आशीष अपना राज खुलने के डर से उससे धक्के देकर वहां से भगा देता है.



पर उसके बेटे आशीष की ज़िन्दगी का भी एक काला  सच है,जिसे की कोई भी नहीं जानता.

उसके बैंड में मिशेल नाम के लड़के से उसके होमोसेक्सुअल (समलैंगिक) सम्बन्ध हैं.

आशीष मिशेल को बता है की उसे मजबूरी में मारया से शादी करनी पड़ रही है.



विजय का लड़का आशीष भी अपने रेस्तरा में ही काम करता है

 और वो एक rock band भी चलाता  है.

वो मारया को ख़ास पसंद नहीं करता.

पर विजय   मारया से बहुत प्रभावित होता है 

और जल्द ही अपने बेटे के साथ उसकी शादी की घोषणा कर देता है.



विजय की मुलाकात अगले दिन होती है एक फ्लोरिस्ट मारया से ,

जो की एक मुस्लिम बंगाली लड़की है

 और भारत छोड़ कर अब कनाडा में बस गयी है.




वो उसे रेस्तरा मे आमंत्रित करता है,

वहां वो मारया को अपनी स्वर्गीय बीवी संगीता की प्रिय डिश "विन्डालू' खिलाता है.

पर मारिया कहती है की मैं इससे अच्छा बना सकती हूँ

 और वो ये करके दिखा देती है.

विजय उससे प्रभावित होता है

 और उसे अपने रेस्तरा में कुक की नौकरी दे देता है.




विजय की मुलाकात अगले दिन होती है एक फ्लोरिस्ट मारया से ,

जो की एक मुस्लिम बंगाली लड़की है

 और भारत छोड़ कर अब कनाडा में बस गयी है.




फिल्म शुरू होती है विजय की पत्नी संगीता की मौत हो चुकी है

और वो उसकी अस्थियाँ विसर्जित करने कनाडा की एक नदी के किनारे अपने लड़के के साथ खड़ा होता है.

अस्थियाँ विसर्जित कर वो घर लौट आता है.



कथावस्तु

ये कहानी है कनाडा में बसे एक बंगाली विजय  (डॉ. मोहन आगाशी) की,

जो की भारत पाकिस्तान के विभाजन से पूर्व ही भारत छोड़ कर इंग्लैंड आ गया था.

लन्दन में उसने एक रेस्तरा खोला.

मगर जातिवादी अंग्रेजो ने उसको पाकिस्तानी समझ कर "'Pakis go back home'."कहते हुए हमला किया 

और उसके रेस्तरा तबाह कर दिया

तो अब वो कनाडा आ चुका है,

जहाँ उसने एक रेस्तरा खोला,

जिसका  रखा "DELHI"

यहीं उसने संगीता से शादी की.

उसका एक लड़का है..."आशीष"



इस फिल्म का निर्माण 1999 में हुआ था.

ये फिल्म इंग्लिश में है,

इसमें बहुत ही सरल  इंग्लिश का प्रयोग किया गया है,जो हम आम बोल चाल  की भाषा में बोलते हैं...

तो आज की फिल्म इंडिया और कनाडा ने मिल  कर बनायीं है, जो की है.....

SEDUCING MAARYAA 



दोस्तों,

अब  पेश है,एक ऐसी इंडो कनाडियन मूवी,जिसने की अपने कथानक से हिंदी फिल्म जगत में हलचल मचा  दी थी.

ये फिल्म आज भी अपने समय से आगे की फिल्म मानी जाती है,जिसमे हमारे समाज के दो अनछुए और TABOO विषयों को छूने  की जुर्रत की.

यानि "इन्सेस्ट  सेक्स(पारिवारिक संबंधों में यौन सम्बन्ध ) और पुरुष होमोसेक्सुअल सम्बन्ध
इसका खामियाजा भी उसे भुगतना पड़ा....

"BAN होने का पुरस्कार मिलके  "

ये फिल्म सिर्फ इंडिया में BAN है...
(2) TORRENT LINK

मात्र ३२ मिनट की इस फिल्म को टोरेंट लिंक द्वारा 170 MB में यहाँ से डाउनलोड करें....

AFTERMATH (1994) 







इस फिल्म को देखने के भी आपको 2 आप्शन दे रहा हूँ...

(१) YOUTUBE  LINKS ....

AFTERMATH (1994 )








सिर्फ एक लाइन में बात कहूँगा की विश्व का कोई देश नेक्रोफीलिया(शव सम्भोग) विषय को लेकर बहुत ही संवेदनशील है 

और इस विषय पर बनी दुनिया की हर फिल्म BAN है,तो ये कैसे बच जाती BAN होने से.

इसलिए ये फिल्म भी BAN है.




और इस फिल्मों के  नाम इस प्रकार थे.

(1)the subjects of birth (The Awakening, 1990), 

(2)death (Aftermath, 1994) 

(3) and rebirth (Genesis, 1998).


विवाद 

AFTERMATH  निर्देशक "NACHO CERDA " की तीन SHORT फिल्मों की TRIOLOGY की दूसरी फिल्म है...

ये पूरी TRIOLOGY इस प्रकार थी,

घर आकर वो उस दिल को ब्लेंडर में डाल कर अच्छी तरह से उसका कीमा बनता है 

और फिर उसे एक कटोरे में डाल कर अपने कुत्ते को खाने के लिए दे देता है .

इससे बाद वो सुकून से टीवी देखने लगता है.

फिल्म यहीं समाप्त होती है.



सम्भोग करने के बाद वो उस लड़की के शव  से उसका दिल बाहर  निकाल लेता  है 

और उसे एक POLYTHENE में डाल लेता है.

फिर उस शव को सील कर देता है 

और कमरे को धो देता है.

उस लड़की के दिल को वो घर ले आता है.



और फिर कैमरे को ऑटो MODE में लगा देता है 

और फिर अपनी पैंट    उतार कर उस लड़की के शव पर चढ़ जाता है 

और फिर उस शव के साथ सम्भोग करता है.

तथा उसके इन सम्भोग के क्षणों को ऑटो MODE में लगा कैमरा तस्वीरों के रूप में कैद करने लगता है.


वीर्यपात होने के बाद वो फिर से उठता है 

और उस शव की तस्वीरें लेने लगता है



फिर अचानक जैसे उस पर दौरा सा पड़ जाता है 

और वो शव के पेट पर बेतहाशा चाक़ू से वार कर उसका पूरा पेट फाड़ देता है .

और फिर उस क्षत विक्षत शव को सहलाते हुए वो हस्तमैथुन शुरू कर देता है.





अब उस के सामने वो शव नग्नावस्था में हो जाता है.

इसके बाद वो उस शव को छू छू कर उत्तेजना महसूस करता है 

अब वो एक चाक़ू लेकर उस नग्न शरीर पर फिराना आरम्भ करता है.



तभी उस कमरे में खूबसूरत लड़की की लाश POSTMORTUM के लिए  आती है,जिसका की कार एक्सिडेंट में निधन हो गया था.

दूसरा MORTICIAN उस सुदर  लड़की के शव को देखकर यौन उत्तेजना महसूस करने लगता है.

सबसे  पहले वो उस शव के ब्रा को एक कैंची से काटना शुरू करता है.

फिर इसके बाद उसकी SKIRT उतरना शुरू करता है.

अब उसी कैंची से वो उस शव की PANTY भी काट देता है.






एक बार फिर से दिखाया गया है की POSTMORTUM के बाद कैसे शव के कुछ आन्तरिक अंगो को निकाल कर सुरक्षित कर लिया जाता है 

और बाकि के आन्तरिक अंगो को कैसे कूड़े की तरह शरीर में फिर से भर कर सिल दिया जाता है.

इसके बाद वो MORTICIAN चला जाता है.





जिसे कि देख कर दूसरा MORTICIAN ना जाने क्यूँ उत्तेजित होता जाता है.

इस  POSTMORTUM को बड़ी ही तसल्ली से दर्शाया गया है.

इसके बाद वोही MORTICIAN दूसरे शव का भी POSTMORTUM करता है.



इस हॉस्पिटल   में पहले ही दो मृत शरीर  रखे हुए हैं.

उस कमरे में दो MORTICIAN(POSTMORTUM करने वाले ) हैं.

जिनमे से एक पहले एक शव का POSTMORTUM करता है.








कथावस्तु

इस फिल्म की शुरुआत होती है,एक लड़की की चीख से .....

उस लड़की की कार का ज़बरदस्त एक्सिडेंट होता है और उस लड़की की मौत हो जाती है.

इस लड़की का नाम था....Marta Arnau Marti

अब उसका मृत शरीर POSTMORTUM के लिए हॉस्पिटल लाया जाता है.


"AFTERMATH "