आगे फिल्म मे यह
दर्शाने की कोशिश की गयी है कि कैसे भिंडरावाले की ताकत बढती गयी.
कैसे वो सिखों के मसीहा बनते गए.
कैसे लोग अपने नवजात बच्चों को भिंडरावाले का आशीर्वाद दिलाने
के लिए गुरूद्वारे आते थे.
कैसे भिंडरावाले अपने समर्थकों के साथ स्वर्ण मंदिर
मे रहने लगा.
कैसे २ समुदायों के बीच नफरत की आग फैलती गयी.
अब भिंडरावाले कोंग्रेस के कंट्रोल से पूरी तरह से बाहर हो गया था.

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