सोनिया पूछती है कि इतने धार्मिक स्थान पर ये हादसा होना कितना सही था.
बरार कहते है कि उन्हें नहीं लगता कि वो जगह एक धार्मिक स्थल रहा गयी थी.
क्योंकि उसके अंदर हथियार
बंद हत्यारे रह रहे थे. बंकर बना रहे थे.
जिन्हें लोग पूज भी रहे थे.
बरार कहते है कि उन्हें बोहोत दुःख होता है वो पूरा हादसा याद करके. कई लोगो की जाने गयी थी.
उन्हें दुःख होता है ना सिर्फ बे कसूर लोगो के लिए बल्कि कसूरवारो के लिए भी.
क्यों कि आखिर आतंकवादी भी किसी परिवार का हिस्सा थे..

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