भिंडरावाला का
जन्म सन १९४७ मे हुआ था जब उस साल पंजाब दो हिस्सों मे बटा था
और पंजाब ने खूनी होली देखी थी.
१३ साल की उम्र मे भिंडरावाला ने धार्मिक स्कूल ”तक्साल” मे दाखिला
लिया.
और वही से एक क्रांतिकारी परिवर्तन आया भिंडरावाला मे.
तक्साल एक ऐसी जगह
है की जहां हो कर ही सिख धर्म गुरु बनने
का रास्ता जाता है.
भिंडरावाला को सिख धर्म से बहुत लगाव था
और वो धार्मिक पढाई मे ध्यान लगते थे.
इसका अंदाजा इस बात
से लगाया जा सकता है की सिर्फ ३० साल की उम्र मे वो तक्साल के मुख्य गुरु बन गए.


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